अब इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद पाकिस्तान को मालूम हो गया है कि भारत के ख़िलाफ़ 'छाया युद्ध' का उसका पुराना खांचा अब नहीं चलेगा क्योंकि अगले किसी आतंकवादी हमले के बाद भारत जाने कहाँ तक और कैसी कार्रवाई करने का जोखिम ले सकता है! तो अब वह इस 'छाया युद्ध' का कोई नया खाँचा, कोई नयी 'टेम्पलेट' तो ढूँढेगा ही. वह खाँचा क्या होगा, अभी तो अन्दाज़ा लगाना कठिन है.
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